गुर्दे की चोट
गुर्दे की चोट, जिसे कभी-कभी एक्यूट किडनी फैलियर भी कहा जाता है, तब होती है जब किडनी थोड़े समय के अंतराल में अचानक काम करना बंद कर देती है। अगर इसका जल्दी इलाज किया जाये किडनी को पूर्ण विफलता से बचाया जा सकता है।
गुर्दे की चोट के जोखिम कारक हैं
- 65 साल या उससे अधिक उम्र
- गुर्दे की बीमारी या गुर्दे की समस्या होना
- उच्च रक्तचाप होना
- हृदय रोग, ब्लड प्रेशर रोग, या मधुमेह जैसी कोई पुरानी बीमारी होना
- परिधीय धमनी रोग होना
गुर्दे की चोट के लक्षण हैं
- कम मूत्र उत्पादन
- आपकी टांगों, टखनों या पैरों में सूजन
- थका रहना या थका हुआ महसूस करना
- साँस लेने में परेशानी
- चक्कर आना
- जी मतलाना
- सीने में दर्द या दबाव
गुर्दे की गंभीर चोट के मालूम पड़ते ही तुरंत एक नेफ्रोलॉजिस्ट से परामर्श करना चाहिए ताकि आगे की क्षति से बचा जा सके और गुर्दे की पूरी क्षति या विफलता को रोका जा सके। एस एस किडनी और यूरोलॉजी अस्पताल में गुर्दे की गंभीर चोट को ठीक करने के लिए उच्च प्रशिक्षित नेफ्रोलॉजिस्ट और सहायक कर्मियों की एक टीम उपलब्ध है।




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